जैसे जैसे रात होती है, वो मेरे कंधे पर बैठ जाती थी, कहते है भूतो में वजन होता है, लेकिन मुझे तो अच्छा लगता है , हम पूरी रात बाते करते, उसकी आवाज़ मेरी जैसी ही है, जैसे मै बिना लिपस्टिक लगाए लगती हूँ , same वैसी ही है वो भी, लेकिन उसके हाथ सुंदर है, और वो कम बोलती है " पर हम बाते करते है, रोते है, और सुबह होने पर चुप हो जाते है, उसको पसंद नहीं है, किसी से मिलना, वो मुझे सब की बात बताती है, मुझे अच्छी लगती है अब वो, जैसे मुझे किसी का डर नहीं, उसने कहा नहीं अभी तक कुछ करने का, लेकिन बस वो नाराज़ होती है, जैसे कोई चेहरा बनाता वो वैसे, अच्छी दोस्त है वो मेरी, उसने बोला है वो मुझे एक दिन अपने साथ ले कर जाएगी!
योगासन या योगा अपने आप में एक सपूर्ण शब्द है ! जिसका अर्थ होता है "शरीर , मन और आत्मा का सुचारु रूप से काम करना ! योगा में हम इन्ही सब बातो को सीखते है ! परन्तु योगा की शुआत किस प्रकार की जाये ? कौनसा समय सबसे ज़्यादा फायदेमंद रहेगा? और अपने दैनिक जीवन में इसे किस प्रकार अपनाये की हम योगा से जुड़ पाए और इसके फायदे प्राप्त कर सके ! इस ब्लॉग हम इस बारे में ही बात करेंगे ! अपने मन व मस्तिष्क को मजबूत करे ! किसी भी काम की शुरुआत के लिए हमें अपने मन को , उस बात के लिए मजबूत करना ज़रूरी है ! क्युकी योगा एक ऐसी प्रक्रिया है ! जिसका निरंतर अभ्यास करने से ही आप बेहतर परिणाम देख पाएंगे ! अपने मन और दिमाग को बार बार ये याद दिलाये की योगा आपके लिए कितना ज़रूरी है ! और इसके अच्छे परिणाम से आप कितना स्वस्थ महसूस करेंगे ! योगा के लिए बेहतर समय योगा के लिए सबसे बेहतर सूर्य उदय होने के पूर्व का समय माना जाता है ! शास्त्र तथा आयुर्वेद भी इस बात की पूर्ण पुष्टि करते है की , सुबह के वातावरण ...