जैसे जैसे रात होती है, वो मेरे कंधे पर बैठ जाती थी, कहते है भूतो में वजन होता है, लेकिन मुझे तो अच्छा लगता है , हम पूरी रात बाते करते, उसकी आवाज़ मेरी जैसी ही है, जैसे मै बिना लिपस्टिक लगाए लगती हूँ , same वैसी ही है वो भी, लेकिन उसके हाथ सुंदर है, और वो कम बोलती है " पर हम बाते करते है, रोते है, और सुबह होने पर चुप हो जाते है, उसको पसंद नहीं है, किसी से मिलना, वो मुझे सब की बात बताती है, मुझे अच्छी लगती है अब वो, जैसे मुझे किसी का डर नहीं, उसने कहा नहीं अभी तक कुछ करने का, लेकिन बस वो नाराज़ होती है, जैसे कोई चेहरा बनाता वो वैसे, अच्छी दोस्त है वो मेरी, उसने बोला है वो मुझे एक दिन अपने साथ ले कर जाएगी!
वर्तमान समय में हमारी खराब और व्यस्त दिनचर्या और कई दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट के कारण महिलाएं अक्सर अनियमित पीरियड्स प्रॉब्ल म का सामना करती है ! हालाँकि ये बेहद ही आम -समस्या है ! परन्तु लम्बे समय तक ऐसा होना , कई गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकता है ! इनसे बचने और पीरियड्स रेगुलर करने के लिए ये हम कुछ योगासन की सहायता से लाभ प्राप्त कर सकते है ! यहां हम तीन योगासन के बारे में बता रहे है ! जिन्हें आप अपने मासिक धर्म चक्र को नियमित करने के लिए उपयोग में ला सकती है ! उष्ट्रासन पीरियड्स की प्रॉबलम में सुधार के लिए के , आप उष्ट्रासन का अभ्यास कर सकते हैं। इसके लिए फर्श पर घुटनों के बल बैठकर कूल्हों पर हाथ रखें। गहरी सांस लेते हुए हाथों से अपने पैरों को पकड़ें। अब पीठ को मोड़ें। इस मुद्रा को एक मिनट रहे, फिर धीरे-धीरे अपनी पीठ को सीधी स्थिति में ले आएं। अब पैरों और हाथों को आराम दें। धनुरासन इस आसन को करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट कर पैरों को थोड़ा फैला लें। पैरों को उठाते हुए हाथों से टखनों को पकड़ें। गहरी सांस लेते हुए छाती और पैरों को सत...